भारतीय टेलीविजन और फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिष्ठित अभिनेता, निर्देशक और निर्माता धीरज कुमार का सोमवार को निधन हो गया। 79 वर्षीय धीरज कुमार पिछले कुछ दिनों से एक्यूट निमोनिया से जूझ रहे थे और उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था और सोमवार सुबह 11:40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

अंतिम संस्कार और परिवार की स्थिति
धीरज कुमार का अंतिम संस्कार मंगलवार, 16 जुलाई को किया जाएगा। सुबह 6 बजे से 10 बजे तक उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए घर पर रखा जाएगा। उनकी पत्नी जूबी कोचर भी बीमार हैं और अस्पताल नहीं जा सकीं। उनके बेटे आशुतोष, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं, और नर्स नेहा उनके अंतिम समय में मौजूद थे।
एक शानदार अभिनेता का सफर
धीरज कुमार ने अभिनय के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत 1970 के दशक में की थी और कई हिट फिल्मों में काम किया, जैसे:
रोटी कपड़ा और मकान
क्रांति
सर्गम
बहारों फूल बरसाओ
मान भरों सजना
उन्होंने लगभग 21 पंजाबी फिल्मों में भी काम किया, जिनमें ‘सज्जन सिंह रंगरूट’, ‘इक संधू हुंदा सी’, ‘वॉर्निंग 2’ और ‘माझैल’ जैसी फिल्मों को सराहा गया।
निर्देशन में भी साबित की प्रतिभा

धीरज कुमार ने न केवल अभिनय बल्कि निर्देशन में भी अपना परचम लहराया।
उनके निर्देशित प्रमुख प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं:
बच्चों की फैंटेसी फिल्म ‘आबरा का डाबरा’
मिस्ट्री फिल्म ‘काशी: इन सर्च ऑफ गंगा’
लोकप्रिय टीवी शोज़ जैसे:
ओम नमः शिवाय
श्री गणेश
अदालत
संस्कार
धूप-छांव
सिंहासन बत्तीसी
निर्माता के रूप में योगदान
धीरज कुमार ने क्रिएटिव आई लिमिटेड नाम से एक प्रोडक्शन हाउस शुरू किया, जिसके तहत उन्होंने धार्मिक और सामाजिक मूल्यों पर आधारित 30 से अधिक धारावाहिकों का निर्माण किया। उनके चर्चित धारावाहिकों में शामिल हैं:
घर की लक्ष्मी बेटियां
इश्क सुभान अल्लाह
ॐ नमः शिवाय
संस्कार
इंडस्ट्री की श्रद्धांजलि

धीरज कुमार के निधन की खबर से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर है। मशहूर फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर लिखा,
“बहुत दुख हुआ ये जानकर कि जाने-माने एक्टर-प्रोड्यूसर धीरज कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे। ओम शांति।”
निष्कर्ष
धीरज कुमार का जीवन अभिनय, निर्देशन और निर्माण के क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत रहा। उन्होंने भारतीय सिनेमा और टेलीविजन को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक रहेगा।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। ॐ शांति।



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