भारत की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी सुजलॉन एनर्जी ने मंगलवार, 12 अगस्त, 2025 को Q1 FY26 के लिए अपने मजबूत वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ऑपरेशन से होने वाले कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 54% की उल्लेखनीय साल-दर-साल (YoY) वृद्धि दर्ज की है, जो ₹2,016 करोड़ से बढ़कर ₹3,117 करोड़ हो गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से विंड टर्बाइन सेगमेंट और फोर्जिंग बिजनेस के शानदार प्रदर्शन से प्रेरित है।

हालांकि, नतीजों से पहले सुजलॉन एनर्जी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 0.16% की मामूली गिरावट के साथ ₹63.22 प्रति शेयर पर बंद हुए थे।
सुजलॉन एनर्जी राजस्व में जोरदार उछाल
सुजलॉन एनर्जी के राजस्व में यह तेज उछाल मुख्य रूप से इसके विंड टर्बाइन सेगमेंट में 67% की वृद्धि के कारण आया है, जिसने इस तिमाही में ₹2,496 करोड़ का राजस्व दर्ज किया। इसके अलावा, कंपनी के फाउंड्री और फोर्जिंग बिजनेस का राजस्व भी ₹91 करोड़ से बढ़कर ₹149 करोड़ हो गया है, जो कंपनी के विविध राजस्व स्रोतों को दर्शाता है।
सुजलॉन एनर्जी – शुद्ध लाभ और परिचालन प्रदर्शन
कंपनी का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) भी साल-दर-साल 7.2% बढ़कर ₹324 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹302 करोड़ था। परिचालन मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। Q1 FY26 में कंपनी की ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन (EBITDA) से पहले की कमाई 60% बढ़कर ₹585 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹364 करोड़ थी। यह वृद्धि ₹550 करोड़ के सकारात्मक इन्वेंट्री समायोजन के कारण हुई है।
कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 70 आधार अंक (bps) बढ़कर 18.78% हो गया, जो कंपनी की बेहतर परिचालन दक्षता को दर्शाता है।
सुजलॉन एनर्जी क्रमिक प्रदर्शन (Sequential Performance)
हालांकि, क्रमिक आधार पर देखें तो सुजलॉन एनर्जी के राजस्व में पिछली तिमाही के ₹3,773 करोड़ से 18% की गिरावट आई है। इसी तरह, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर शुद्ध लाभ में भी 72% की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट पिछली तिमाही में दर्ज किए गए ₹600 करोड़ के राइटबैक के कारण है, जिसने पिछली तिमाही के शुद्ध लाभ को ₹1,180 करोड़ तक बढ़ा दिया था।
नए ऑर्डर और भविष्य की संभावनाएं
हाल ही में, सुजलॉन ग्रुप ने जेलेस्ट्रा इंडिया और उसके सहयोगियों से 381 मेगावाट (MW) का एक महत्वपूर्ण ऑर्डर हासिल किया है। इस परियोजना में सुजलॉन के 127 S144 टर्बाइन शामिल होंगे और इसे महाराष्ट्र (180 MW), मध्य प्रदेश (180 MW), और तमिलनाडु (21 MW) में स्थापित किया जाएगा। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में परियोजना SJVN के FDRE बोली का हिस्सा है, जबकि तमिलनाडु का हिस्सा वाणिज्यिक और औद्योगिक (C&I) बिजली उपभोक्ताओं की सेवा करेगा। यह ऑर्डर सुजलॉन की मजबूत ऑर्डर बुक और भविष्य की वृद्धि की क्षमता को दर्शाता है।
सुजलॉन एनर्जी भारत में पवन ऊर्जा के क्षेत्र में एक अग्रणी कंपनी है। भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा पवन ऊर्जा बाजार है। कंपनी दुनिया भर में पवन ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एंड-टू-एंड पवन ऊर्जा समाधान प्रदान करने में अग्रणी है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी 12 अगस्त, 2025 को सुजलॉन एनर्जी द्वारा जारी Q1 FY26 वित्तीय नतीजों पर आधारित है। यह लेख केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। पाठकों को कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले एक योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सलाह दी जाती है।



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