अलास्का समिट

डोनाल्ड ट्रंप- व्लादिमीर पुतिन की ऐतिहासिक अलास्का समिट – “नो डील, तब तक डील नहीं

अलास्का में संपन्न हुई US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ऐतिहासिक मुलाकात ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर यह समिट बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, लेकिन दोनों प्रमुख देशों के नेताओं के बीच निर्णायक समझौते की खबर नहीं आई है। तो क्या है इस समिट का पूरा हाल और किन बयानों ने इस दिन को ऐतिहासिक बना दिया? आइए विस्तार से जानते हैं।

अलास्का समिट

अलास्का समिट की मुख्य बातें

  • डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन की यह मुलाकात शुक्रवार को संयुक्त बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन, अलास्का में करीब ढाई घंटे चली।

  • दोनों नेताओं ने वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता तो की, लेकिन प्रेस की ओर से सवालों को लेने से बचते रहे।

  • रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर निर्णायक समझौते के आसार नहीं दिखाई दिए, हालांकि दोनों ने सकारात्मक चर्चा की बात कही।

  • पुतिन ने अमेरिका और रूस के रिश्तों को “पेज पलटने” और फिर से सहयोग शुरू करने की जरूरत बताई।

  • ट्रंप ने कहा- “नो डील, तब तक डील नहीं!”

ट्रंप और पुतिन: अलास्का समिट बातचीत में क्या हुआ?

समिट के बाद, ट्रंप ने साफ किया कि अभी किसी समझौते पर मुहर नहीं लगी है। उन्होंने कहा, “जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता, तब तक कोई डील नहीं है।” ट्रंप ने यह भी बताया कि वे जल्द ही यूक्रेन के राष्ट्रपति और यूरोपीय नेताओं से वार्ता करेंगे, ताकि चर्चा के मुख्य बिंदुओं को साझा किया जा सके। उनके अनुसार, बहुत सारी बातें तय हो चुकी हैं, सिर्फ कुछ ही मुद्दे बाकी हैं, जिनमें से प्रमुख मुद्दा युद्ध की समाप्ति है।

वहीं, पुतिन ने वार्ता के माहौल को ‘दोस्ताना’ बताया और कहा, “हमने यूक्रेन के मुद्दे पर एक ‘समझ’ बना ली है।” पुतिन ने ट्रंप की सक्रियता और उनके परिणाम ओरiented सोच की सराहना की। उन्होंने ऐलान किया कि रूस-अमेरिका को अपने पुराने संबंधों को दोबारा सहज और व्यावहारिक बनाना चाहिए। पुतिन ने उम्मीद जताई कि इससे यूक्रेन समेत कई मसलों का समाधान निकलेगा।

क्या हुआ प्रेस वार्ता में?

नेताओं ने संवाददाताओं के सवालों से बचते हुए सिर्फ अपने बयान साझा किए। पुतिन ने ट्रंप को “दोस्ताना और व्यावहारिक” बताया। वहीं, ट्रंप ने कहा कि वे फिर जल्दी मिल सकते हैं। जब पुतिन ने मुस्कुराते हुए कहा, “अगली बार मास्को चलिए”, ट्रंप ने जवाब दिया, “यह दिलचस्प है… आलोचना भी हो सकती है, लेकिन शायद ऐसा भी हो जाए।”

क्यों है यह समिट ट्रेंडिंग?

इस समिट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। यूक्रेन युद्ध का हल अभी नहीं निकल सका, लेकिन अमेरिका-रूस के रिश्ते में नया मोड़ देखने को मिल रहा है। ट्रंप और पुतिन की दोस्ताना केमिस्ट्री, भविष्य के संभावित समझौतों की चर्चा, और “नो डील, तब तक डील नहीं” का बयान सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।

अब आगे क्या?

व्हाइट हाउस व रूस, दोनों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही अन्य देशों, खासकर यूक्रेन और यूरोपीय नेताओं से भी चर्चा होगी। इसे वैश्विक स्थिरता के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है। साथ ही, अगले सम्मेलन की जगह मास्को भी हो सकती है, जिससे और नई खबरें आ सकती हैं।

Disclaimer:

यह समाचार सोशल मीडिया एवं अन्य वेबसाइट्स से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी प्रकार की आधिकारिक घोषणा के लिए संबंधित सरकारी या आधिकारिक सूत्रों की पुष्टि जरूरी है।

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