अभिनेता अच्युत पोतदार का निधन: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अच्युत पोतदार का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने सोमवार को ठाणे (महाराष्ट्र) में अंतिम सांस ली। अभी उनकी मृत्यु का कारण स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें हाल ही में उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका अंतिम संस्कार 19 अगस्त को ठाणे में किया जाएगा।

‘3 Idiots’ का यादगार किरदार
अच्युत पोतदार भले ही दर्जनों फिल्मों और सौ से ज्यादा टीवी शोज़ में नज़र आए हों, लेकिन आज भी वह राजकुमार हिरानी की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘3 Idiots’ (2009) में निभाए गए प्रोफेसर के किरदार के लिए सबसे ज्यादा याद किए जाते हैं।
फिल्म का उनका संवाद “कहना क्या चाहते हो?” दर्शकों के दिलों में उतर गया और सालों बाद भी यह डायलॉग सोशल मीडिया पर मीम्स और जोक्स के रूप में ट्रेंड करता रहा।
44 साल की उम्र में शुरू किया एक्टिंग करियर
कम ही लोग जानते हैं कि अच्युत पोतदार ने बहुत देर से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने 44 साल की उम्र में बॉलीवुड में डेब्यू किया। इससे पहले वे भारतीय सेना और इंडियन ऑयल कंपनी से जुड़े रहे।
यहां तक कि उन्होंने रेवांचल (मध्यप्रदेश) के एक कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में अध्यापन कार्य भी किया था। लेकिन अभिनय उनके भीतर गहराई तक बसा था और इसी जुनून की वजह से उन्होंने अपने करियर का नया अध्याय शुरु किया।
125 से अधिक फिल्मों में अभिनय
अच्युत पोतदार का अभिनय सफर बेहद लंबा और रंगीन रहा। उन्होंने अपने करियर में हिंदी और मराठी की 125 से ज्यादा फिल्मों और 100+ टीवी शोज़ में काम किया।
उनकी चुनिंदा फ़िल्में:
आक़्रोश (1980)
आलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है (1980)
अर्धसत्य (1983)
तेज़ाब (1988)
परिंदा (1989)
दिलवाले (1994)
ये दिल्लगी (1994)
रंगीला (1995)
वास्तव (1999)
आ अब लौट चलें (1999)
परिणीता (2005)
लगे रहो मुन्ना भाई (2006)
3 Idiots (2009)
दबंग 2 (2012)
वेंटिलेटर (2016, मराठी)
टीवी में भी शानदार योगदान
सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि छोटे पर्दे पर भी अच्युत पोतदार ने अपनी सहज और विश्वसनीय अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता। उन्होंने वागले की दुनिया, मझा होशील ना, मिसेज तेंदुलकर और भारत की खोज जैसे लोकप्रिय टीवी शोज़ में अहम किरदार निभाए।
उनकी खासियत – सादगी और सहज अभिनय
अच्युत पोतदार का चेहरा हमेशा एक सरल, इमानदार और आम आदमी के रूप में दर्शकों की स्मृतियों में जुड़ गया। चाहे वे फिल्मों में सपोर्टिंग रोल करें या टीवी पर एक पिता/प्रोफेसर की भूमिका – उन्होंने हर किरदार को इतनी सहजता से निभाया कि दर्शकों को वह बिल्कुल असली लगे।
शायद यही कारण है कि उन्हें इंडस्ट्री में “सबसे भरोसेमंद कैरेक्टर आर्टिस्ट” कहा जाता था।
सोशल मीडिया पर शोक की लहर
उनके निधन की खबर सुनते ही फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के कलाकारों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। स्टार प्रवाह (Star Pravah) चैनल ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा –
“अभिनेता अच्युत पोतदार की स्मृति और उनकी मुस्कान, सादगी और ईमानदारी को हमेशा याद रखा जाएगा।”
निष्कर्ष
अच्युत पोतदार का जीवन हमें यह सिखाता है कि सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने 44 वर्ष की आयु में अपना अभिनय करियर शुरू किया और अपने दम पर दर्शकों के दिलों में जगह बनाई।
उनकी 3 Idiots के प्रोफेसर से लेकर मराठी फिल्मों के संवेदनशील किरदार तक, हर भूमिका उनकी कला की छाप छोड़ गई। अब जब वे हमारे बीच नहीं हैं, उनकी अदाकारी और डायलॉग्स हमें हमेशा याद दिलाते रहेंगे कि उन्होंने भारतीय सिनेमा में क्या अनमोल योगदान दिया।
✍️ डिस्क्लेमर: यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स पर आधारित है। प्रस्तुत जानकारी का उद्देश्य पाठकों तक समाचार एवं श्रद्धांजलि पहुंचाना है।
👉 अब हम आपसे जानना चाहेंगे:
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