जसविंदर भल्ला

हंसते-हंसाते रुला गए ‘कैरी ऑन जट्टा’ के वकील ढिल्लों, 65 की उम्र में जसविंदर भल्ला ने दुनिया को कहा अलविदा

पंजाबी सिनेमा और कॉमेडी की दुनिया के लिए आज, यानी 22 अगस्त 2025, की सुबह एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर लेकर आई। अपने अनोखे अंदाज और दमदार कॉमेडी टाइमिंग से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले दिग्गज अभिनेता और कॉमेडियन जसविंदर भल्ला का 65 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने शुक्रवार तड़के अपनी अंतिम सांस ली।

जसविंदर भल्ला

इस खबर के आते ही पूरी पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर फैंस और सेलेब्रिटीज अपने चहेते कलाकार को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनके जाने से पंजाबी सिनेमा में एक ऐसा खालीपन आ गया है, जिसे भर पाना शायद नामुमकिन होगा।

‘वकील ढिल्लों’ – एक किरदार जो पहचान बन गया

जसविंदर भल्ला ने अपने करियर में अनगिनत यादगार किरदार निभाए, लेकिन ‘कैरी ऑन जट्टा’ फ्रेंचाइजी में उनके द्वारा निभाया गया ‘एडवोकेट ढिल्लों’ का किरदार अमर हो गया। इस किरदार में उन्होंने कॉमेडी की एक नई परिभाषा गढ़ी। उनके तकियाकलाम (Catchphrases) जैसे “मैं ते कहंदा सी…” या “ढिल्लों दा दिमाग चलदा नी, दौड़दा है” आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उन्होंने इस एक किरदार से साबित कर दिया कि कॉमेडी सिर्फ हंसने-हंसाने का नाम नहीं, बल्कि यह एक कला है जिसमें टाइमिंग और एक्सप्रेशन का परफेक्ट संगम जरूरी है। इस किरदार ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया और वह पंजाबी सिनेमा के सबसे महंगे और सम्मानित कॉमेडियनों में से एक बन गए।

एक प्रोफेसर से कॉमेडी के किंग बनने तक का सफर

बहुत कम लोग जानते हैं कि कैमरे के सामने लोगों को हंसाने वाले जसविंदर भल्ला असल जिंदगी में एक उच्च शिक्षित व्यक्ति थे। उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना से पीएचडी की थी और वहां अध्यापन का कार्य भी करते थे। अभिनय उनका जुनून था, जिसे उन्होंने अपने प्रोफेशन के साथ-साथ जिंदा रखा।

उनका अभिनय करियर लगभग तीन दशक लंबा रहा। उन्होंने ‘दुल्ला भट्टी’ जैसे प्रतिष्ठित कॉमेडी धारावाहिकों से अपनी शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कॉमेडी के एक और पुरोधा, जसपाल भट्टी के साथ हिंदी फिल्म ‘माहौल ठीक है’ (1999) में भी काम किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

समय के साथ, भल्ला पंजाबी सिनेमा का एक अनिवार्य हिस्सा बन गए। ‘जट्ट एंड जूलिएट’, ‘सरदार जी’, ‘जिन्ने मेरा दिल लुटेया’ और ‘डैडी कूल मुंडे फूल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में उनकी मौजूदगी सफलता की गारंटी मानी जाती थी। उनकी खासियत यह थी कि वह छोटे से छोटे रोल में भी अपनी छाप छोड़ जाते थे।

पर्दे पर आखिरी बार

जसविंदर भल्ला आखिरी बार 2024 में रिलीज हुई फिल्म ‘शिंदा शिंदा नो पापा’ में नजर आए थे। इस फिल्म में गिप्पी ग्रेवाल और हिना खान मुख्य भूमिका में थे। हमेशा की तरह, इस फिल्म में भी उनके किरदार को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। कौन जानता था कि यह बड़े पर्दे पर उनकी आखिरी प्रस्तुति होगी।

परिवार में कौन-कौन?

जसविंदर भल्ला अपने पीछे एक हंसता-खेलता परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी का नाम परमदीप भल्ला है, जो चंडीगढ़ में एक फाइन आर्ट्स की शिक्षिका हैं। उनका एक बेटा, पुखराज भल्ला है, जो अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए अभिनय की दुनिया में सक्रिय है। पुखराज ने कई म्यूजिक वीडियो और फिल्मों में काम किया है। पिता और पुत्र की यह जोड़ी 2013 में आई फिल्म ‘स्टूपिड 7’ में एक साथ पर्दे पर नजर आई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जसविंदर भल्ला का अंतिम संस्कार शनिवार, 23 अगस्त को बलौंगी में किया जाएगा, जहां पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारों के शामिल होने की उम्मीद है।

जसविंदर भल्ला का जाना सिर्फ एक कलाकार का जाना नहीं है, बल्कि यह एक युग का अंत है। वह हमेशा अपनी फिल्मों, अपने किरदारों और अपनी मुस्कान के जरिए हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार लेख सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार वेबसाइटों पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। हम सूचना की सटीकता की पुष्टि करते हैं, लेकिन सभी तथ्य विभिन्न स्रोतों से लिए गए हैं।

पाठकों से अनुरोध:
जसविंदर भल्ला जी की याद में आप क्या कहना चाहेंगे? उनका कौन-सा किरदार या डायलॉग आपका पसंदीदा है? नीचे कमेंट सेक्शन में अपनी भावनाएं और यादें हमारे साथ जरूर साझा करें। आपकी श्रद्धांजलि उन्हें सच्ची खुशी देगी।

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