अनीश दयाल सिंह

अनीश दयाल सिंह CRPF-ITBP के पूर्व प्रमुख, तीन दशकों का अनुभव भारत के नए डिप्टी NSA

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनीश दयाल सिंह को भारत का नया डिप्टी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy National Security Advisor) नियुक्त किया गया है. खुफिया और आतंकवाद-रोधी अभियानों में तीन दशकों से अधिक के विशाल अनुभव के साथ, सिंह अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को रिपोर्ट करेंगे. उनकी यह नियुक्ति भारत की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अनीश दयाल सिंह

अनीश दयाल सिंह को आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों की अहम जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें जम्मू-कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं.

कौन हैं अनीश दयाल सिंह? एक शानदार करियर

अनीश दयाल सिंह 1988 बैच के मणिपुर कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं. 60 वर्षीय सिंह का करियर शानदार उपलब्धियों से भरा रहा है। डिप्टी एनएसए के रूप में अपनी नियुक्ति से पहले, उन्होंने भारत के कुछ सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा बलों का नेतृत्व किया है.

  • इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में लंबा कार्यकाल: उन्होंने लगभग 30 वर्षों तक खुफिया ब्यूरो (IB) में काम किया है, जहाँ उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएँ दीं.

  • ITBP और CRPF का नेतृत्व: वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) जैसे प्रमुख अर्धसैनिक बलों के महानिदेशक (DG) रह चुके हैं. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला है.

  • सेवानिवृत्ति: वह 31 दिसंबर, 2024 को CRPF प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे.

बतौर CRPF प्रमुख, प्रमुख उपलब्धियाँ

CRPF के महानिदेशक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, अनीश दयाल सिंह ने कई महत्वपूर्ण पहल कीं और उल्लेखनीय सफलताएँ हासिल कीं:

  • नक्सलवाद पर प्रहार: उनके नेतृत्व में, CRPF ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तीन दर्जन से अधिक फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOBs) स्थापित किए और छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए 4,000 से अधिक कर्मियों वाली चार नई बटालियनें खड़ी कीं.

  • चुनावों में सुरक्षा: 2024 के लोकसभा चुनावों और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों को सुरक्षित रूप से संपन्न कराने में CRPF ने उनके नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

  • बलों का पुनर्गठन: उन्होंने 130 बटालियनों का एक व्यापक पुनर्गठन किया, जो आठ वर्षों में इस तरह का पहला बड़ा बदलाव था। इसका उद्देश्य जवानों को बेहतर “पारिवारिक समय” देना और परिचालन दक्षता को बढ़ाना था.

  • ‘संवाद’ सत्र: उन्होंने जमीनी स्तर पर प्रतिक्रिया इकट्ठा करने के लिए कंपनी कमांडरों के साथ ‘संवाद’ सत्र शुरू किए, जिसकी काफी सराहना हुई.

नई भूमिका और जिम्मेदारियाँ

डिप्टी एनएसए के रूप में, अनीश दयाल सिंह का अनुभव देश की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण होगा. वह खुफिया एजेंसियों जैसे आईबी (IB) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) के साथ समन्वय स्थापित करेंगे ताकि खुफिया जानकारी को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके. माना जा रहा है कि आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने में उनकी विशेषज्ञता भारत की सुरक्षा नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

उन्हें अपने शानदार करियर के दौरान कई सम्मानों से भी नवाजा गया है, जिसमें राष्ट्रपति पुलिस पदक भी शामिल है.

अस्वीकरण (Disclaimer): यह ब्लॉग पोस्ट विभिन्न समाचार वेबसाइटों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। हम जानकारी की सटीकता की पुष्टि करते हैं, और इसे विश्वसनीय स्रोतों से संकलित किया गया है।

आपकी क्या राय है? अनीश दयाल सिंह की इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति के बारे में आपके क्या विचार हैं? नीचे कमेंट सेक्शन में अपनी राय हमारे साथ साझा करें।

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