चंद्र ग्रहण 2025

चंद्र ग्रहण 2025 : समय, सूतक, कहां और कैसे देखें

चंद्र ग्रहण 7-8 सितंबर 2025 की रात भारत भर में पूर्ण रूप से दिखाई देगा; उमbral (आंशिक) चरण 7 सितंबर रात 9:57 बजे शुरू होकर 8 सितंबर सुबह 1:27 बजे समाप्त होगा, जबकि पूर्ण ग्रहण 11:00 बजे से 12:23 बजे तक चलेगा, और सूतक काल 7 सितंबर दोपहर 12:57 बजे से लागू माना जाएगा।

चंद्र ग्रहण 2025

प्रमुख समय और दृश्यता

  • भारत में सभी चरण—पेनुम्ब्रल, आंशिक और पूर्ण—पूरे देश से दिखाई देंगे, मौसम अनुकूल रहा तो नग्न आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है।

  • आधिकारिक समय: उमbral प्रारंभ 21:57 IST, पूर्णता 23:00–00:23 IST, उमbral समाप्ति 01:27 IST; कुल अवधि लगभग 3 घंटे 30 मिनट, पूर्णता लगभग 83 मिनट।

  • कई मीडिया और पंचांग संदर्भ 21:58–01:26 और पूर्णता 23:01–00:22/00:23 का संकेत देते हैं; यह अंतर राउंडिंग और स्रोत-प्रणाली के कारण है।

सूतक काल और धार्मिक मान्यताएँ

  • चंद्र ग्रहण के लिए सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले माना जाता है; इसलिए 7 सितंबर को दोपहर 12:57 बजे से सूतक लगेगा और आंशिक चरण की समाप्ति तक प्रभाव माना जाता है।

  • पारंपरिक मान्यताओं में सूतक के दौरान भोजन पकाने-खाने से विरति, मंदिर के कपाट बंद रखना, और पके भोजन/जल में तुलसी दल रखने की सलाह दी जाती है; बीमार, वृद्ध और बच्चों पर सामान्यतः शिथिलता मानी जाती है।

वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य

  • यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण है, जिसमें पृथ्वी की छाया (umbra) चंद्रमा को पूर्ण ढकती है; इस दौरान चंद्रमा ताम्र-लाल दिख सकता है, जिसे साधारणतः “ब्लड मून” कहा जाता है।

  • अवलोकन सुरक्षित: सौर ग्रहण के विपरीत, किसी विशेष फिल्टर की आवश्यकता नहीं; दूरबीन/बाइनाक्युलर से विवरण बेहतर दिखेगा।

भारत में कहां-कहां दिखेगा

  • दृश्यता पूरे भारत में: उत्तर (दिल्ली, लखनऊ), पश्चिम (मुंबई, अहमदाबाद), दक्षिण (चेन्नै, बेंगलुरु, हैदराबाद), पूर्व (कोलकाता, भुवनेश्वर), मध्य (भोपाल, नागपुर)—हर स्थान से, जहां आसमान खुला हो।

  • अंतरराष्ट्रीय कवरेज: एशिया, ऑस्ट्रेलासिया, यूरोप, भारतीय महासागर, और पूर्वी अटलांटिक के बड़े हिस्सों से भी दृश्य।

समय-सारिणी एक नज़र में

  • पेनुम्ब्रा आरंभ: 20:58 IST (हल्का और कठिन-से-पहचान)

  • उमbral/आंशिक आरंभ: 21:57–21:58 IST

  • पूर्ण ग्रहण: 23:00–00:23 IST (82–83 मिनट)

  • उमbral समाप्ति: 01:27 IST (8 सितंबर)

अगला और पिछला ग्रहण

  • अगला भारत से दृश्य चंद्र ग्रहण: 3 मार्च 2026 (पूर्ण)।

  • भारत से दृश्य पिछला चंद्र ग्रहण: 28 अक्टूबर 2023 (आंशिक)।

आस्था बनाम विज्ञान: संतुलित दृष्टि

  • धार्मिक संदर्भ में पूर्णिमा पर लगने वाला ग्रहण विशेष माना जाता है और कुछ ज्योतिषीय आकलन सामाजिक-प्रशासनिक प्रभावों की चर्चा करते हैं; पर ये आकलन परंपरागत हैं और वैज्ञानिक प्रमाण-आधारित नहीं।

  • वैज्ञानिक दृष्टि से यह खगोलीय यांत्रिकी का पूर्वानुमेय घटना-क्रम है; जन-स्वास्थ्य हेतु कोई विशेष सावधानी आवश्यक नहीं, सिवाय सुरक्षित और जिम्मेदार अवलोकन के।

देखने के व्यावहारिक सुझाव

  • खुले, कम प्रकाश-प्रदूषण वाले स्थान चुनें—छत, पार्क, मैदान; मौसम और बादल स्थिति पर ध्यान दें।

  • समय-सीमा का पालन करते हुए पहले से तैयारी करें; स्मार्टफोन/ट्राइपॉड के साथ फोटोग्राफी के अच्छे अवसर मिलेंगे।

महत्वपूर्ण अस्वीकरण

  • सूतक काल, मंत्र-जाप, और संबंधित आचरण पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं; इनका पालन व्यक्तिगत आस्था का विषय है और वैज्ञानिक अनिवार्यता नहीं।

  • समय-सूचनाएँ विभिन्न संस्थानों/मीडिया में सेकंड-मिनट के अंतर के साथ प्रस्तुत हो सकती हैं; आधिकारिक संदर्भ हेतु भारत मौसम विज्ञान विभाग के प्रकाशन को प्राथमिक मानें।

पाठकों से निवेदन: इस चंद्र ग्रहण से जुड़े अनुभव, फोटो और स्थानीय दृश्यता की जानकारी टिप्पणी में साझा करें—यह सामुदायिक सीख को समृद्ध करेगा।

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