एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान टकराव: पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ा सियासी भूचाल, क्या क्रिकेट मैच बनेगा विवाद का नया केंद्र या राष्ट्रीय भावनाओं का सम्मान होगा?
एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच को लेकर देश की राजनीति और जनता में जबरदस्त हलचल है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए निर्मम आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का हाथ बताया गया। यह घटना 2008 मुंबई हमलों के बाद भारत में सबसे भयावह नागरिक हमला मानी जा रही है। उस हमले के दर्द से देश उबर भी नहीं पाया था कि बीसीसीआई और एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) ने 14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान मैच का कार्यक्रम घोषित कर दिया।

राजनीतिक दलों और समाज के बड़े वर्ग ने इस मैच का कड़ा विरोध किया है। विपक्ष का तर्क है कि जब तक आतंकवादी और उनके समर्थकों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक पाकिस्तान से किसी भी तरह के द्विपक्षीय या खेल संबंध ठीक नहीं। कई सांसदों और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ियों ने ‘राष्ट्र के स्वाभिमान के साथ समझौता’ बताया है और बीसीसीआई को “मुनाफे के लिए शहीदों के खून के साथ खिलवाड़” करने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ, पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन सहित कुछ लोग क्रिकेट को खेल की भावना से जोड़ने की बात कर रहे हैं लेकिन कई अन्य दिग्गज खिलाड़ियों ने भी WCL में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार कर उदाहरण पेश किया था।
आम जनता में भी गुस्सा है—#BoycottIndVsPak सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है। भारत ने बीते सालों में पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय क्रिकेट पूरी तरह रोक रखी थी। अब जब टूर्नामेंट न्यूट्रल वेन्यू UAE में हो रहा है, तब भी सवाल उठ रहे हैं कि “खेल या संप्रभुता, कौन जरूरी?”
पहलगाम हमले का प्रभाव
यह हमला न केवल आम लोगों, बल्कि सरकार और रक्षा विशेषज्ञों के लिए भी चेतावनी है। सुरक्षाबलों का कहना है कि पाकिस्तान ने सीमापार आतंक के माध्यम से भारत को अस्थिर करने की साजिश रची थी। हमलावर पूरे राज्य में अब भी सक्रिय हैं और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के जरिए सतत अभियान चल रहा है। कश्मीर घाटी में सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है और दोनों देशों की सीमाओं पर भी तनाव गहराया हुआ है।
बीसीसीआई और ACC का रुख
बीसीसीआई ने कहा है कि सरकार की अनुमति के बिना आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान से कोई द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं होगी, पर मल्टीनेशन टूर्नामेंट्स में खेलना ACC और ICC की नीतियों के तहत है। एशिया कप का आयोजन UAE में हो रहा है ताकि किसी एक देश में तनाव न बढ़े।
निष्कर्ष
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच से कहीं ज्यादा बड़ा सवाल अब राष्ट्रीय सुरक्षा और शहीदों के सम्मान का है। क्या खेल कूटनीति की बर्फ पिघला सकता है या राष्ट्रहित में ठोस स्टैंड जरूरी है—यही बहस फिलहाल हर भारतीय के मन में है।
भारत-पाकिस्तान की यह टक्कर सिर्फ दो टीमों की नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं की लड़ाई बन गई है। 14 सितंबर को जब मैच शुरू होगा, मैदान में सिर्फ बल्ला और बॉल नहीं बल्कि पूरे देश की भावना भी दांव पर होगी।




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