बेंगलुरु: बंबल डेट पर गया टेक्नीशियन बना धोखे का शिकार

बेंगलुरु: बंबल डेट पर गया टेक्नीशियन बना धोखे का शिकार, 2 लाख की वसूली, पुलिस ने किया गैंग का पर्दाफाश

ऑनलाइन डेटिंग बन गई धोखे और हैरानी की रात: बेंगलुरु के टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल को बंबल डेट पर मिले जालसाज, जानिए कैसे बनी दोस्ती 2 लाख की जबरन वसूली का शिकार – पुलिस की कार्रवाई से खुला गैंग का बड़ा रैकेट, युवाओं के लिए सतर्कता जरूरी

बेंगलुरु: बंबल डेट पर गया टेक्नीशियन बना धोखे का शिकार

ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स आज के दौर में दोस्ती और रिश्तों का नया माध्यम बन गए हैं, लेकिन इसी के साथ जालसाजी और धोखे के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में बेंगलुरु में एक ऐसा ही मामला सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। कैसे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मासूम डेटिंग उम्मीदें रातों-रात काले जाल में फंस गईं, यह कहानी युवाओं को सतर्क रहने की सख्त चेतावनी देती है।

कैसे हुआ पूरा वाकया?

बेंगलुरु के एक टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल ने बंबल (Bumble) ऐप पर एक महिला से बात शुरू की। हफ्तों तक मैसेज, वीडियो कॉल और कैजुअल चैटिंग के बाद दोनों ने कॉफी शॉप पर मिलने का फैसला किया। सब कुछ आम था, महिला ने बाद में एक होटल के कमरे में जाकर ड्रिंक के लिए पूछा, जिस पर युवक मान गया।

अचानक रात बन गई डरावना सपना

जैसे ही वे कमरे में बैठे थे, अचानक चार अनजान लोग दरवाजा तोड़कर भीतर घुस आए। उन्होंने युवक पर ड्रग्स पार्टी का आरोप लगाया और पुलिस को बुलाने की धमकी दी। महिला के बैग से सफेद पाउडर (असल में बेकिंग सोडा) निकालकर उसे ड्रग्स बताया गया।

महिला (संगीता) अचानक रोने लगी और आत्महत्या की धमकी देने लगी। घबरा चुके युवक ने पुलिस केस से बचने के लिए गुहार लगाई, जिस पर गैंग ने पहले 15 लाख रुपये की मांग की। बाद में सौदेबाजी के बाद 2 लाख लेकर युवक को छोड़ दिया गया।

पुलिस में शिकायत से खुली साजिश

तीन दिन बाद युवक ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस जांच में पता चला कि यह कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि पूरी तरह से साजिश थी। महिला और चारों युवक, कुल छह लोग, एक रैकेट चला रहे थे। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है – शरणबसप्पा, राजू माने, श्याम सुंदर, अभिषेक, बीरबल और संगीता।

महिलाओं को ‘फ्रंट’ बनाकर हो रही थी ठगी

पुलिस के मुताबिक, महिला उत्तर प्रदेश की है और पहले डांस बार में काम करती थी। इस गिरोह ने पहले भी कई लोगों के साथ ऐसी वारदातें की हैं। गिरोह की योजना पहले से तय थी – पहले भरोसे में लो, फिर डराओ, फिर पैसे ऐंठ लो।

दूसरे शिकारियों से सतर्कता की अपील

नॉर्थ ईस्ट डिवीजन के डिप्टी कमिश्नर सजीत वी जे ने NDTV से बात करते हुए कहा कि इस गिरोह की जांच आगे भी की जा रही है। संभव है कि और भी लोग इस जाल में फंसे हों, जिनसे अपील की गई है कि वे आगे आकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सतर्क रहें

इस मामले ने एक बार फिर दिखा दिया कि ऑनलाइन डेटिंग या किसी अंजान व्यक्ति से मिलने में हमेशा सतर्कता जरूरी है। कभी भी जल्दबाजी या भावनाओं में बहकर निजी स्थान या पैसों का लेन-देन न करें।

निष्कर्ष

ऑनलाइन दुनिया दोस्ती से लेकर रिश्तों तक के लिए कई मौके देती है, लेकिन जरा सी लापरवाही बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है। अगर आपको भी किसी ऑनलाइन डेटिंग फ्रॉड या ब्लैकमेलिंग जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो तुरंत पुलिस की मदद लें और जागरूक रहें।

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