प्रज्वल रेवन्ना रेप केस: दोषी साबित होते ही कोर्ट में फूट पड़े आंसू, परिवार का कोई सदस्य नहीं था मौजूद, राजनीति में मचा भूचाल
कभी बेंगलुरु की राजनीति में प्रभावशाली परिवार से ताल्लुक रखने वाले जेडी(एस) सांसद प्रज्वल रेवन्ना आज सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। शुक्रवार को जब वह कोर्ट में पेश हुए, तो न उनके साथ परिवार का कोई सदस्य था और न ही करीबी समर्थक। नीली फुल-स्लीव शर्ट और जीन्स में पहुंचे प्रज्वल रेवन्ना पूरे समय अपने वकीलों से चुपचाप सलाह लेते नजर आए।

कोर्ट रूम में जैसे ही जज ने कहा—”प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में दोषी करार दिया जाता है, सजा का ऐलान कल (शनिवार) होगा”—तो उनका संयम टूट गया। चेहरे पर तनाव की गहरी रेखाएं साफ झलक रही थीं। उन्होंने सिर झुका लिया और चेहरा हाथों से ढक कर खुद को संभालने की कोशिश की, लेकिन बाहर निकलते वक्त उनकी आंखों में आंसू साफ नजर आ रहे थे। सबसे अहम बात यह रही कि इस निर्णायक पल पर उनके परिवार का कोई सदस्य उनके साथ कोर्ट में मौजूद नहीं था।
राजनीति में खलबली, कानूनी दांवपेंच शुरू
जैसे ही कोर्ट का फैसला बाहर आया, राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। जेडी(एस) के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा—”बीते कई वर्षों में ऐसा पहली बार हो रहा है कि कोई प्रभावशाली नेता इतनी जल्दी दोषी करार दिया गया है और अब सजा सुनाए जाने की बारी है।” कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सजा के बाद यह फैसला ऊपरी अदालतों में चुनौती दी जाएगी, लेकिन इस त्वरित फैसले ने यह संकेत दे दिया है कि अब प्रभावशाली पद और राजनीतिक पकड़ भी किसी को कानूनी कार्रवाई से नहीं बचा सकते।
समाज और न्याय प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण संदेश
प्रज्वल रेवन्ना का मामला सिर्फ कानूनी दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक नजरिए से भी काफी अहम माना जा रहा है। यह केस यह दर्शाता है कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं। चाहे कोई कितनी भी ऊंची राजनीतिक पहुंच रखता हो, अगर वह दोषी पाया जाता है तो उसे दंडित किया जाएगा। इस निर्णय ने समाज में यह संदेश दिया है कि अब प्रभावशाली परिवारों की ‘अछूत’ छवि टूट रही है और न्याय त्वरित हो रहा है।
आगे क्या? ऊपरी अदालतों में क्या पलटेगा फैसला?
शनिवार को सजा की घोषणा के बाद सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि प्रज्वल रेवन्ना को कितनी सख्त सजा मिलती है। साथ ही, यह देखना भी रोचक होगा कि क्या ऊपरी अदालतों में जाकर यह फैसला पलट सकता है या नहीं। लेकिन फिलहाल, यह मामला भारतीय राजनीति में प्रभावशाली लोगों की जवाबदेही को लेकर एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।



Leave a Reply