उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में एक भीषण हेलिकॉप्टर दुर्घटना सामने आई है, जहाँ केदारनाथ से लौट रहा एक हेलिकॉप्टर गौरीकुंड और सोनप्रयाग के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुखद हादसे में एक बच्चा सहित सात लोगों की मृत्यु हो गई है। यह घटना आज, 15 जून 2025 को सुबह लगभग 5:30 बजे हुई।

हादसे का विवरण: क्या हुआ?
रुद्रप्रयाग के गौरीकुंड के पास केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आर्यन एविएशन कंपनी का यह हेलिकॉप्टर केदारनाथ धाम से यात्रियों को लेकर गुप्तकाशी बेस पर लौट रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घाटी में अचानक मौसम खराब होने के कारण पायलट ने हेलिकॉप्टर को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान वह गौरी माई खर्क से ऊपर जंगल में क्रैश हो गया।
बचाव अभियान और वर्तमान स्थिति
हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। उत्तराखंड के एडीजी कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने दुर्घटना की पुष्टि की है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि दुर्घटना की सूचना सबसे पहले गौरीकुंड के ऊपर घास काट रही नेपाली मूल की महिलाओं ने दी।
हादसे वाली जगह कठिन और दुर्गम जंगल क्षेत्र में होने के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

मृतकों की पहचान
दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर में पायलट के अलावा पाँच यात्री और एक शिशु सवार थे। दुखद रूप से, सभी सात लोगों की मृत्यु हो गई है। मृतकों का विवरण इस प्रकार है:
- कैप्टन राजबीर सिंह चौहान – पायलट, निवासी जयपुर
- विक्रम रावत – बीकेटीसी, निवासी रासी, ऊखीमठ
- विनोद देवी – निवासी उत्तर प्रदेश, उम्र 66 वर्ष
- तृष्टि सिंह – निवासी उत्तर प्रदेश, उम्र 19 वर्ष
- राजकुमार सुरेश जायसवाल – निवासी गुजरात, उम्र 41 वर्ष
- श्रद्धा राजकुमार जायसवाल – निवासी महाराष्ट्र
- काशी – बालिका, उम्र 02 वर्ष, निवासी महाराष्ट्र
मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुख
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद घटना पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

हेलिकॉप्टर सेवाओं पर असर और जांच
दुर्घटना के बाद सभी हेलिकॉप्टर सेवाएं फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) इस घटना की विस्तृत जांच करेगा ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
यह केदारघाटी में इस यात्रा सीजन की तीसरी घटना है। इससे पहले भी दो बार आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी। बद्रीनाथ और गंगोत्री में भी इस सीजन में दो अन्य दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। यह घटनाएं चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
हम इस दुखद घड़ी में पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह जानकारी विभिन्न सोशल मीडिया साइट्स से ली गई है और इसकी पुष्टि हमारी ओर से स्वतंत्र रूप से नहीं की गई है। कृपया किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले संबंधित अधिकारियों या विश्वसनीय समाचार स्रोतों से जानकारी सत्यापित करें।



Leave a Reply