अनु रानी का स्वर्णिम भाला

अनु रानी ने भुवनेश्वर में जीता भाला फेंक स्वर्ण, टोक्यो विश्व चैंपियनशिप की ओर बढ़ाया एक और कदम।

अनु रानी का स्वर्णिम भाला: भुवनेश्वर में लगातार दूसरी जीत के साथ विश्व चैंपियनशिप का दावा किया मजबूत

भारत की शीर्ष महिला भाला फेंक एथलीट और एशियाई खेलों की चैंपियन अनु रानी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में 10 अगस्त 2025 को आयोजित इंडियन ओपन 2025 वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर (ब्रॉन्ज लेवल) मीट में उन्होंने 62.01 मीटर के शानदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कुछ ही दिन पहले पोलैंड में 62.59 मीटर के थ्रो के साथ सोना जीतने के बाद यह उनकी लगातार दूसरी महत्वपूर्ण जीत है, जो उनकी फॉर्म में वापसी का संकेत देती है।

अनु रानी का स्वर्णिम भाला

चुनौतियों के बावजूद शानदार प्रदर्शन

अनु रानी का प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह जीत अत्यधिक थकान और प्रतिकूल मौसम के बावजूद हासिल की। पोलैंड में लगभग 14-16°C के ठंडे मौसम में प्रतिस्पर्धा करने के बाद, भुवनेश्वर में उनका सामना लगभग 32°C तापमान और 90% आर्द्रता से हुआ। इस कार्यक्रम से बमुश्किल 24 घंटे पहले भुवनेश्वर पहुंचने वाली अनु ने शारीरिक थकान को अपने प्रदर्शन पर हावी नहीं होने दिया।

उन्होंने अपने शुरुआती प्रयासों में 52.74 मीटर, 58.65 मीटर और 58.39 मीटर के थ्रो किए। इसके बाद चौथे प्रयास में उन्होंने 62.01 मीटर का विजयी थ्रो फेंका, जिसने उन्हें नौ महिला एथलीटों के बीच एक अजेय बढ़त दिला दी। उनका अगला थ्रो भी 61.01 मीटर का रहा, यह दर्शाता है कि वह लगातार 60 मीटर से ऊपर का निशान पार कर रही हैं। इस प्रतियोगिता में उनके पांच थ्रो इतने अच्छे थे कि वे अकेले ही उन्हें जीत दिला सकते थे।

स्थिरता की ओर वापसी

अनु रानी के करियर में निरंतरता एक चुनौती रही है। 2023 में हांग्जो एशियाई खेलों में 62.92 मीटर के स्वर्ण पदक विजेता प्रदर्शन के बाद, उन्होंने 15 प्रतियोगिताओं तक 60 मीटर का आंकड़ा पार नहीं किया था। लेकिन पोलैंड और अब भुवनेश्वर में लगातार दो प्रतियोगिताओं में 62 मीटर से अधिक का थ्रो करके, उन्होंने दिखाया है कि वह अपनी लय वापस पा रही हैं। उन्होंने मैच के बाद कहा, “थकान की इस स्थिति में अगर मैं 62 मीटर फेंक सकती हूं, तो मुझे यकीन है कि मैं और अधिक निरंतरता के साथ 64-65 मीटर तक पहुंच सकती हूं।”

टोक्यो विश्व चैंपियनशिप पर नजर

यह जीत अनु रानी के लिए टोक्यो में होने वाली आगामी विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इस इवेंट से पहले वह “रोड टू टोक्यो” रैंकिंग में 30वें स्थान पर थीं, और इस जीत से मिले महत्वपूर्ण रैंकिंग अंकों से उनकी स्थिति और मजबूत होगी। विश्व चैंपियनशिप के लिए कुल 36 एथलीट क्वालीफाई करेंगे, जिनमें से 11 एथलीट 64 मीटर के सीधे प्रवेश मानक के माध्यम से और बाकी रैंकिंग के आधार पर जगह बनाएंगे।

रूस के कोच मार्को सरगिरी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहीं अनु अपनी तकनीक, विशेष रूप से रिलीज के एंगल और अप्रोच की गति पर काम कर रही हैं। उनका अगला लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप से पहले अपनी फॉर्म को बनाए रखना और तकनीकी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना है।

अन्य भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन

इस इवेंट में अन्य भारतीय एथलीटों ने भी प्रभावित किया। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में, 20 वर्षीय शिवम लोहकरे ने 80.73 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता। वहीं, लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर ने 8.13 मीटर की छलांग के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया और युवा शाहनवाज खान ने 8.04 मीटर की छलांग लगाकर भारत के 8-मीटर क्लब में प्रवेश किया। स्प्रिंटर अनिमेश कुजुर ने 200 मीटर दौड़ में 20.77 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता।

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