बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर में उड़ान के कुछ मिनट बाद ही इंजन फेल

बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर में उड़ान के कुछ मिनट बाद ही इंजन फेल – 5,000 फीट पर ‘मेडे’ कॉल, पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, जानिए कैसे हुई सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग

25 जुलाई 2025 को यूनाइटेड एयरलाइंस की म्यूनिख जाने वाली फ्लाइट UA108 में एक बड़ा हादसा टल गया, जब बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान के उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद 5,000 फीट की ऊंचाई पर बाएं इंजन में गंभीर खराबी आ गई। टेकऑफ के तुरंत बाद ही पायलट ने ‘मेडे’ (MAYDAY) कॉल जारी की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि विमान में एक गंभीर आपात स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। पायलटों ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के साथ समन्वय कर स्थिति को काबू में किया और विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग करवाई।

बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर में उड़ान के कुछ मिनट बाद ही इंजन फेल
बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर में उड़ान के कुछ मिनट बाद ही इंजन फेल

5,000 फीट पर इंजन फेल होते ही ‘मेडे’ कॉल

वाशिंगटन डलेस एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद, जब विमान 5,000 फीट की ऊंचाई पर था, उसके बाएं इंजन में तकनीकी खराबी आ गई। इससे विमान में कंपन और थ्रस्ट की समस्या आने लगी। पायलटों ने तुरंत ‘मेडे’ कॉल दी और ATC से आपात लैंडिंग की अनुमति मांगी। फ्लाइट में मौजूद यात्रियों को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन पायलट और ATC के बीच लगातार संवाद जारी रहा।

ईंधन डंप की प्रक्रिया और फ्लाइट का होल्डिंग पैटर्न

इमरजेंसी लैंडिंग से पहले, विमान का वजन कम करना जरूरी था क्योंकि टेकऑफ के समय उसमें भरपूर ईंधन था। इस वजह से पायलटों ने विमान को 6,000 फीट की ऊंचाई पर रखते हुए वाशिंगटन के उत्तर-पश्चिम दिशा में होल्डिंग पैटर्न में उड़ाना शुरू किया और वहां सुरक्षित तरीके से ईंधन डंप किया गया। इस प्रक्रिया में करीब 2 घंटे 30 मिनट का समय लगा ताकि ईंधन वाष्पीकृत होकर पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाए।

ATC ने पायलट से पूछा कि ईंधन डंप और होल्डिंग में कितना समय लगेगा। पायलट ने जवाब दिया कि उन्हें ऊंचाई बढ़ाकर ईंधन समायोजित करना होगा। इसके बाद विमान को 020 डिग्री हेडिंग पर उड़ान भरने का निर्देश मिला। ईंधन डंप पूरा होते ही पायलटों ने रनवे 19C पर ILS (Instrument Landing System) की सहायता से लैंडिंग की इजाजत मांगी।

सुरक्षित लैंडिंग के बाद भी विमान खुद से नहीं चला सका

विमान ने वाशिंगटन डलेस एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की, लेकिन इंजन फेल होने के कारण वह खुद से टैक्सी नहीं कर सका। विमान को टो करके रनवे से हटाया गया। सौभाग्य से इस पूरी घटना में कोई भी यात्री या क्रू मेंबर घायल नहीं हुआ, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। विमान अभी भी ग्राउंड पर खड़ा है और यूनाइटेड एयरलाइंस के इंजीनियर और अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) मामले की जांच कर रहे हैं।

हालिया एयर इंडिया हादसे से मिलती-जुलती घटना

यह घटना हाल ही में भारत के अहमदाबाद में एयर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर क्रैश से काफी मिलती-जुलती है, जिसमें इंजन में तकनीकी खराबी आने से विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और 260 लोगों की जान चली गई थी। दोनों घटनाओं में इंजन की ईंधन सप्लाई सिस्टम को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

निष्कर्ष

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि पायलटों की सूझबूझ, तकनीकी ट्रेनिंग और ATC का सहयोग किसी भी आपात स्थिति में जीवन रक्षक साबित हो सकता है। यदि आप हवाई यात्रा करते हैं, तो हमेशा सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में शांत रहें। आगे की जानकारी और अपडेट के लिए विश्वसनीय सूत्रों से जुड़ें रहें।

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