तकनीकी दुनिया में आए दिन कोई न कोई नई खबर आती रहती है, लेकिन जब बात आपके पसंदीदा AI टूल की हो, तो ध्यान खींचना लाजमी है। मंगलवार, 10 जून 2025 का दिन उन हजारों ChatGPT यूजर्स के लिए थोड़ा मुश्किल भरा रहा, जो अपने रोजमर्रा के कामों के लिए इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट पर निर्भर रहते हैं। ChatGPT को चलाने वाली कंपनी OpenAI ने कई घंटों तक अपनी सेवाओं में “एलिवेटेड एरर रेट्स” (बढ़ी हुई त्रुटि दरें) की सूचना दी, जिससे दुनिया भर में लाखों यूजर्स प्रभावित हुए। इस आउटेज (outage) ने एक बार फिर दिखाया कि हम कैसे तेजी से AI पर निर्भर होते जा रहे हैं और जब ये सेवाएं बाधित होती हैं तो इसका क्या असर होता है।

ChatGPT आउटेज की गहराई से जानकारी: क्या हुआ था?
मंगलवार को जैसे ही यूजर्स ने ChatGPT को एक्सेस करने की कोशिश की, उन्हें या तो “Too many concurrent requests” (बहुत अधिक समवर्ती अनुरोध) जैसे संदेश मिल रहे थे, या फिर AI चैटबॉट उनके सवालों का जवाब ही नहीं दे रहा था। Downdetector, जो इंटरनेट संबंधी समस्याओं की यूजर रिपोर्ट को लॉग करता है, ने इस अवधि में लगभग 2,000 ChatGPT आउटेज रिपोर्ट दर्ज कीं, जिससे समस्या की गंभीरता का पता चलता है।
OpenAI के स्टेटस पेज ने इस बात की पुष्टि की कि ये बढ़ी हुई त्रुटि दरें सात घंटों तक जारी रहीं। समस्या केवल ChatGPT तक ही सीमित नहीं थी; कंपनी का नया और बहुचर्चित वीडियो जनरेटर सोरा (Sora), साथ ही डेवलपर्स के लिए एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) भी इस तकनीकी गड़बड़ी से प्रभावित हुए। OpenAI ने मंगलवार सुबह 2:36 बजे EDT से इन मुद्दों की जांच शुरू कर दी थी, और Downdetector के डेटा के अनुसार, समस्याएं सुबह 5:30 बजे के आसपास चरम पर थीं।
OpenAI का जवाब और रिकवरी की स्थिति
समस्या सामने आने के बाद, OpenAI तुरंत हरकत में आया। कंपनी ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में और X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करके यूजर्स को लगातार अपडेट किया। उन्होंने बताया कि वे “ChatGPT की पूरी रिकवरी की दिशा में निगरानी कर रहे हैं और काम कर रहे हैं।” दोपहर 3:24 बजे EDT तक API में पूरी रिकवरी की बात कही गई, लेकिन ChatGPT का स्टेटस अभी भी “डिग्रेडेड परफॉर्मेंस” (गिरावट वाले प्रदर्शन) दिखा रहा था।

OpenAI ने कहा कि उन्होंने “मूल कारण की पहचान कर ली है” और इसे “जितनी जल्दी हो सके ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं।” हालांकि, कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि सभी प्रभावित सेवाओं में पूर्ण रिकवरी में अभी कुछ और घंटे लग सकते हैं। इस दौरान यूजर्स को धैर्य रखने की सलाह दी गई, जबकि तकनीकी टीम समस्या को हल करने में लगी हुई थी।
आउटेज का व्यापक संदर्भ: AI की बढ़ती पैठ
ChatGPT का यह आउटेज ऐसे समय में हुआ है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और AI टूल्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन रहा है। हाल ही में, Glassdoor ने बताया कि कार्यस्थल में ChatGPT का उपयोग सिर्फ एक साल के भीतर दोगुना हो गया है, जो पेशेवर सेटिंग्स में इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। इसके अलावा, Pew Research की एक रिपोर्ट के अनुसार, 26% अमेरिकी किशोर स्कूल के काम के लिए ChatGPT का उपयोग कर रहे हैं, जो 2023 में 13% था। यह बढ़ती निर्भरता दिखाती है कि कैसे AI चैटबॉट शिक्षा और कार्यक्षेत्र में अपनी जगह बना रहे हैं।
वित्तीय मोर्चे पर, OpenAI ने सोमवार को घोषणा की थी कि उसने वार्षिक आवर्ती राजस्व (Annual Recurring Revenue – ARR) में $10 बिलियन का आंकड़ा छू लिया है। यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, खासकर यह देखते हुए कि पिछले साल कंपनी का ARR लगभग $5.5 बिलियन था, लेकिन लगभग $5 बिलियन का नुकसान हुआ था। यह भी उल्लेखनीय है कि ChatGPT ने आउटेज से ठीक पहले, शनिवार को ही भुगतान करने वाले यूजर्स के लिए एडवांस्ड वॉइस (Advanced Voice) में एक अपडेट जारी किया था, जिसका उद्देश्य बातचीत को “अधिक सहज और मानवीय” बनाना था।
सोशल मीडिया पर रिएक्शन और यूजर्स का अनुभव
ChatGPT के ठप होने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी खूब चर्चा हुई। कई यूजर्स ने मजाकिया तौर पर कहा कि उन्हें आउटेज के दौरान बुनियादी सवालों के जवाब देने और अपनी ईमेल खुद टाइप करने में कितनी परेशानी हो रही थी। एक X पोस्ट में लिखा था, “ChatGPT डाउन है… जिसका मतलब है कि मुझे काम पर अपनी ईमेल खुद टाइप करनी होगी। प्रार्थना भेजें।” इस तरह की टिप्पणियां इस बात पर प्रकाश डालती हैं कि लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए AI चैटबॉट पर कितना निर्भर हो गए हैं और जब वे अनुपलब्ध होते हैं तो उनकी उत्पादकता पर कैसे असर पड़ता है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि तकनीकी आउटेज कोई नई बात नहीं है। हाल ही में Zoom और X जैसी बड़ी और लोकप्रिय सेवाओं में भी बड़े पैमाने पर आउटेज देखे गए हैं। यह दर्शाता है कि इतनी जटिल तकनीकी प्रणालियों को बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, भले ही उनके पीछे दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियां क्यों न हों।
निष्कर्ष: AI पर बढ़ती निर्भरता और चुनौतियाँ
ChatGPT का यह आउटेज एक महत्वपूर्ण रिमाइंडर है कि भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य डिजिटल सेवाएं हमारे जीवन को कितना भी आसान और कुशल बना दें, वे अभी भी तकनीकी सीमाओं और व्यवधानों से परे नहीं हैं। OpenAI जैसी कंपनियों के लिए यह एक चुनौती है कि वे अपने तेजी से बढ़ते यूजर बेस के लिए विश्वसनीय और स्थिर सेवाएं बनाए रखें।
जैसे-जैसे हम AI पर अधिक निर्भर होते जा रहे हैं, इन सेवाओं की विश्वसनीयता और उपलब्धता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को कम करने के लिए और अधिक मजबूत प्रणालियां विकसित की जाएंगी, ताकि यूजर्स का AI के साथ निर्बाध अनुभव सुनिश्चित हो सके और हमारी डिजिटल दुनिया बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ती रहे। यह तकनीकी विकास के सफर का एक हिस्सा है, जिसमें चुनौतियाँ भी आती हैं और उनसे सीखकर आगे बढ़ने का मौका भी मिलता है।



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