कुली ओवरसीज रिव्यू

कुली ओवरसीज रिव्यू: क्या राजनीकांत-लोकेश कनागराज की फिल्म है निराशाजनक? फैंस ने बताया कमजोर कहानी, भव्य क्लाइमेक्स

‘कुली’ ओवरसीज ट्विटर रिव्यू: कैसी रही राजनीकांत की नई फिल्म की सच्ची तस्वीर?

राजनीकांत और लोकेश कनागराज की बहुचर्चित फिल्म ‘कुली’ 14 अगस्त 2025 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। स्टार-कास्ट में नागार्जुन, श्रुति हासन, साउбин शाहिर, उपेंद्र, सत्या राज और खास कैमियो रोल में आमिर खान शामिल हैं। रिलीज के साथ ही सोशल मीडिया और खासकर ओवरसीज दर्शकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई—जिसमें फिल्म की कहानी और निर्देशन पर सवाल उठाए गए.

कुली ओवरसीज रिव्यू

‘कुली’ – कहानी और निर्देशन

‘कुली’ नायक देवा (राजनीकांत) की क्लासिक रिवेंज स्टोरी है, जिसकी दोस्त की रहस्यमय मौत कहानी को आगे बढ़ाती है। हालांकि फिल्म की शुरुआत जबरदस्त जोश के साथ होती है—राजनीकांत का स्वैग, उनकी एंट्री, और फैंस का उत्साह देखने लायक है। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, ट्विटर पर दर्शकों ने लिखा—“पहला हाफ स्लो है, ड्रामा रिपेटेटिव है, और स्क्रीनप्ले में ताजगी नहीं दिखती.”

अभिनय और तकनीकी पक्ष

राजनीकांत के अभिनय की खूब तारीफ हुई, उनके डायलॉग्स, स्टाइल और धीमे चलने वाले थालाइवा मोमेंट्स ने थिएटर में त्योहार जैसा माहौल बनाया। वहीं नागार्जुन के विलेन रोल, आमिर खान के कैमियो, और साउबिन शाहिर के इमोशन्स को भी नोटिस किया गया। अनीरुद्ध रविचंदर की बीजीएम विशेष रूप से हाई वोल्टेज सीनों को उठाती है.

क्लाइमेक्स और अंतिम 20 मिनट

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत—अंतिम 20 मिनट का जबरदस्त क्लाइमेक्स। ओवरसीज रिव्यूज में लिखा गया, “फिल्म का फाइनल ब्लॉक विस्फोटक है, एक्शन और विजुअल्स शानदार हैं, जहां थालाइवा राजनीकांत अपने असली रंग में नजर आते हैं। दर्शकों ने इस हिस्से को क्रेजी, स्टेडियम जैसे माहौल के साथ एन्जॉय किया.”

कमजोरियां

कई विदेशी दर्शकों ने लिखा—“कहानी एकसार है, स्क्रीनप्ले कटा-पिटा है, पात्रों का भावनात्मक जुड़ाव कमजोर है। बड़े स्टार्स की मौजूदगी के बावजूद, फिल्म में नयापन नहीं दिखता, जिससे हाई उम्मीदें टूट जाती हैं.” कई ट्विटर रिव्यू में आमिर खान के कैमियो, उपेंद्र और सत्या राज के रोल को खास असर न डालने वाला बताया गया।

निष्कर्ष

अगर आप राजनीतिकांत के फैन हैं या सिर्फ थालाइवा की एनर्जी देखना चाहते हैं, तो ‘कुली’ आपको मुंबई से न्यूयॉर्क तक थिएटर में झूमने पर मजबूर कर देगी। लेकिन अगर आप ठोस कहानी और इमोशनल गहराई चाहते हैं, तो फिल्म आपको मिलाजुला अनुभव दे सकती है। फिल्म का क्लाइमेक्स यकीनन देखने लायक है, लेकिन कहानी, निर्देशन और इमोशन्स के मामले में ‘कुली’ कमज़ोर पड़ती है।

डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग केवल सूचनात्मक एवं मनोरंजन के उद्देश्य से लिखा गया है। सभी समीक्षाएं सोशल मीडिया, अधिकृत समाचार व ओवरसीज रिव्यूज पर आधारित हैं। लेखक या वेबसाइट फिल्म की क्वालिटी, दर्शकों के अनुभव या किसी भी व्यक्तिगत राय के लिए उत्तरदायी नहीं है।

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