दिल्ली की व्यस्त सड़कों पर, जहाँ हर रोज़ हज़ारों कहानियाँ बनती और बिगड़ती हैं, एक ऐसी कहानी भी है जो मेहनत, जुनून और स्वाद की मिसाल है. यह कहानी है मुकेश शर्मा की, जिन्हें लोग आज “करोड़पति भल्लेवाला” के नाम से जानते हैं. यह कोई आम स्ट्रीट फ़ूड वेंडर नहीं हैं; यह वो शख़्स हैं जो अपनी BMW कार से आते हैं और नेहरू प्लेस में एक साधारण टेबल पर दही-भल्ले का स्टॉल लगाते हैं. उनकी यह यात्रा दिखाती है कि अगर इरादे पक्के हों, तो कोई भी काम छोटा नहीं होता.

₹2 से करोड़ों तक का सफ़र
मुकेश शर्मा का यह सफ़र 1989 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने अपने परिवार की एक पुरानी रेसिपी के साथ दही-भल्ले बेचना शुरू किया. तब एक प्लेट की क़ीमत महज़ ₹2 थी. नेहरू प्लेस के भीड़-भाड़ वाले इलाक़े में उन्होंने एक छोटी सी टेबल पर अपना काम शुरू किया. शुरुआत में संघर्ष था, लेकिन उनके भल्ले के स्वाद और उनकी मेहनत ने धीरे-धीरे लोगों का दिल जीतना शुरू कर दिया. आज, 30 से ज़्यादा साल बाद, वही प्लेट ₹40-₹50 की हो गई है, लेकिन स्वाद और गुणवत्ता के दीवाने आज भी उनकी दुकान पर लाइन लगाते हैं.
क्या है सफलता का राज?
मुकेश शर्मा की असाधारण सफलता के पीछे कोई शॉर्टकट नहीं, बल्कि कुछ बुनियादी सिद्धांत हैं, जिन्हें उन्होंने कभी नहीं छोड़ा:
स्वाद और गुणवत्ता: शर्मा जी के भल्ले का स्वाद लाजवाब है, जिसका श्रेय उनके घर पर बने मसालों को जाता है. वह 16 तरह के मसालों का एक ख़ास मिश्रण ख़ुद तैयार करते हैं. इसके अलावा, वह रोज़ाना 40 किलो ताज़ा दही ख़ुद घर पर ही फेंटते हैं, ताकि स्वाद में कोई कमी न रह जाए.
कड़ी मेहनत: उनकी दिनचर्या किसी को भी प्रेरित कर सकती है. वे हर रोज़ रात 2:30 बजे उठकर अपने दिन की तैयारी शुरू कर देते हैं, ताकि सुबह 9 बजे तक स्टॉल लगाने के लिए सब कुछ तैयार हो.
साफ़-सफ़ाई: स्ट्रीट फ़ूड को लेकर अक्सर सफ़ाई की चिंता रहती है, लेकिन मुकेश शर्मा इस मामले में कोई समझौता नहीं करते. उनकी साफ़-सुथरी टेबल और काम करने का तरीक़ा ग्राहकों को आकर्षित करता है.
सादगी और विनम्रता: करोड़ों की कमाई और BMW जैसी लग्ज़री कार होने के बावजूद, मुकेश ने अपनी जड़ें नहीं छोड़ी हैं. वह आज भी उसी विनम्रता से ख़ुद ग्राहकों को भल्ले परोसते हैं, जैसे पहले दिन परोसते थे. उन्होंने कोई बड़ी दुकान किराए पर नहीं ली, बल्कि अपनी कार में सामान लाकर एक फोल्डेबल टेबल पर ही अपना स्टॉल लगाते हैं.
जब एक वीडियो ने बदल दी दुनिया
मुकेश शर्मा सालों से मेहनत कर रहे थे, लेकिन सोशल मीडिया ने उन्हें देश भर में मशहूर कर दिया. एक फ़ूड ब्लॉगर ने उनका वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डाल दिया, जिसका टाइटल था, “₹2 वाले भल्लेवाले अब BMW चलाते हैं!“. यह वीडियो वायरल हो गया और रातों-रात मुकेश शर्मा की दुकान पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. आज, वे “शर्मा जी चाट” के नाम से एक ब्रांड बन चुके हैं.
उनकी कहानी हमें सिखाती है कि मेहनत और अपने काम के प्रति ईमानदारी से कोई भी इंसान बुलंदियों को छू सकता है.



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