दिल्ली में जुलाई 2025 की बारिश ने घटाया प्रदूषण

दिल्ली में जुलाई 2025 की बारिश ने घटाया प्रदूषण, वायु गुणवत्ता पहुंची ‘संतोषजनक’ स्तर पर

दिल्ली में बारिश ने किया कमाल! जुलाई 2025 में वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ स्तर पर, पिछले 10 सालों की सबसे स्वच्छ जुलाई, लगातार बारिश और कम तापमान ने प्रदूषण को धो डाला, अगस्त में भी साफ हवा की उम्मीद, जानिए AQI में ऐतिहासिक सुधार की पूरी कहानी।

दिल्ली में जुलाई 2025 की बारिश ने घटाया प्रदूषण
दिल्ली में जुलाई 2025 की बारिश ने घटाया प्रदूषण

दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए जुलाई 2025 राहत की सांस लेकर आया। लगातार हो रही बारिश ने वायु प्रदूषण के स्तर को ऐतिहासिक रूप से नीचे गिरा दिया है। इस महीने दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) औसतन 78-79 के आसपास रहा, जिसे ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रखा जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पिछले 7-10 वर्षों में दिल्ली की सबसे स्वच्छ जुलाई रही है।

Delhi (India) बारिश ने किया प्रदूषकों का ‘वॉश-आउट इफेक्ट’

जुलाई के लगभग 28-29 दिन दिल्ली की हवा ‘संतोषजनक’ (AQI 51-100) श्रेणी में रही। PM2.5 और PM10 जैसे खतरनाक प्रदूषक भी जनवरी-जुलाई 2025 के औसत स्तर से काफी कम दर्ज किए गए।
भारी बारिश, नमी और कम तापमान के कारण वायुमंडल से प्रदूषकों का वॉश-आउट इफेक्ट देखने को मिला। इसका मतलब है कि बारिश ने हवा में मौजूद हानिकारक कणों को धोकर वातावरण को साफ कर दिया, जिससे सांस लेना आसान हुआ।

अगस्त 2025 में भी राहत की उम्मीद

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगस्त 2025 में सामान्य से अधिक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके चलते आने वाले दिनों में भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता संतोषजनक (AQI 51-100) से मध्यम (AQI 101-150) श्रेणी में बनी रहने की संभावना है। हालांकि, अचानक मौसम में बदलाव या प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों से AQI में हलचल आ सकती है।

तापमान में भी गिरावट, मौसम खुशनुमा

  • अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4°C कम (32-34°C) दर्ज किया गया।
  • न्यूनतम तापमान भी 24-26°C के बीच बना हुआ है।
  • हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के आसार लगातार बने हुए हैं।

बारिश ने दिल्लीवासियों को गर्मी से तो राहत दी ही है, साथ ही वायु प्रदूषण के असर को भी काफी हद तक कम कर दिया है। हालांकि, इससे ट्रैफिक जाम और जलभराव जैसी परेशानियां भी सामने आईं हैं, लेकिन स्वच्छ हवा के फायदे इन समस्याओं से कहीं अधिक रहे।

विशेषज्ञों की राय: ये स्थायी समाधान नहीं

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून में वायु गुणवत्ता में सुधार मुख्य रूप से मौसम आधारित है। इसका स्थायी समाधान तभी संभव है जब दीर्घकालीन नीतिगत बदलाव, कड़े प्रदूषण नियंत्रण उपाय और जागरूकता अभियान लागू किए जाएं। हालांकि, इस तरह की भारी बारिश ने यह दिखा दिया है कि प्राकृतिक परिस्थितियों का वायु गुणवत्ता पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है।

फिलहाल दिल्ली की हवा साफ, आगे भी राहत की उम्मीद

जुलाई 2025 में दिल्लीवासियों को स्वच्छ और ताजी हवा मिली, जिसमें लगातार हो रही बारिश की सबसे बड़ी भूमिका रही। अगस्त की शुरुआत में भी मौसम विभाग ने और बारिश की संभावना जताई है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार का यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।

जन-स्वास्थ्य के लिहाज से यह राहत की खबर है, पर स्थायी समाधान के लिए हमें पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभानी होगी।

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