नितिन कामथ

Jio-BlackRock के ब्रोकिंग लाइसेंस पर Zerodha के नितिन कामथ: ‘सबसे बड़ा मुद्दा भागीदारी की कमी है, हम सिर्फ दिखावे के आंकड़ों का पीछा नहीं करते’

Jio-BlackRock को स्टॉकब्रोकिंग लाइसेंस मिलने की खबरों के बीच, भारत के सबसे बड़े डिस्काउंट ब्रोकर Zerodha के सह-संस्थापक और सीईओ नितिन कामथ ने अपनी राय साझा की है। उन्होंने इस नई पहल को लेकर आशावाद और सावधानी दोनों व्यक्त की। कामथ का मानना है कि Jio-BlackRock जैसी साझेदारी में भारतीय शेयर बाजार में नए रिटेल निवेशकों को लाने की अपार क्षमता है, लेकिन साथ ही उन्होंने ज़ेरोधा की अपनी व्यापारिक विचारधारा पर भी जोर दिया, जिसमें ‘दिखावे के आंकड़ों’ के पीछे भागने के बजाय ग्राहकों के हित को प्राथमिकता दी जाती है।

नितिन कामथ
नितिन कामथ

बाजार में भागीदारी बढ़ाने की ज़रूरत

नितिन कामथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “यह बहुत अच्छी खबर है।” उन्होंने बताया कि भारतीय बाजारों के लिए “सबसे बड़ा मुद्दा भागीदारी की कमी है। हम काफी हद तक शीर्ष 10 करोड़ भारतीयों तक ही सीमित हैं।” कामथ का मानना है कि अगर कोई बाजार को इससे आगे बढ़ा सकता है, तो वह शायद Jio ही है, अपनी विशाल वितरण शक्ति के साथ। उन्होंने स्वीकार किया कि Jio-BlackRock जैसी साझेदारी में भारतीय शेयर बाजार के पारिस्थितिकी तंत्र में नए रिटेल निवेशकों को लाने की परिवर्तनकारी क्षमता है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि असली चुनौती यह होगी कि क्या इन नए निवेशकों के पास वास्तव में भाग लेने के लिए वित्तीय साधन हैं।

ज़ेरोधा का ‘ग्राहक-केंद्रित’ दर्शन

कामथ ने अपनी पोस्ट में ज़ेरोधा की व्यापारिक फिलॉसफी पर भी प्रकाश डाला, जिससे उनकी फर्म और इस क्षेत्र के अन्य तेज़ी से बढ़ते खिलाड़ियों के बीच एक अंतर स्पष्ट होता है। उन्होंने दोहराया कि ज़ेरोधा ‘दिखावे के आंकड़ों’ (vanity metrics) या किसी भी कीमत पर आक्रामक वृद्धि पर केंद्रित नहीं है।

कामथ ने लिखा, “हमारे दर्शन के मूल में हमेशा ग्राहकों के लिए सही काम करना है।” उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ग्राहकों को ट्रेड करने के लिए प्रेरित करने या “डार्क पैटर्न” या लगातार नोटिफिकेशन जैसी जोड़ तोड़ वाली डिजाइन रणनीति का उपयोग करने से बचती है। उनका कहना है, “हमारे अधिकांश उत्पाद निर्णय इस विचार पर आधारित हैं कि ग्राहक लंबे समय में बेहतर प्रदर्शन करते हैं जब वे कम ट्रेड करते हैं।”

प्रतिस्पर्धा: कौन है असली चुनौती?

प्रतिस्पर्धा के विषय पर, कामथ ने टिप्पणी की कि उन्हें पारंपरिक स्थापित खिलाड़ियों से कोई बड़ा खतरा नहीं है। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि असली चुनौती “पहली पीढ़ी के संस्थापकों से आएगी जो ब्रोकिंग के बारे में लगातार सोच रहे हैं और उसी के लिए जी रहे हैं।” उनका इशारा उन नए, चुस्त खिलाड़ियों की ओर था जो नवाचार और ग्राहक अनुभव पर केंद्रित हैं, न कि सिर्फ गहरे जेब वाले बड़े कॉर्पोरेट्स पर।

संक्षेप में, नितिन कामथ Jio-BlackRock के प्रवेश को भारतीय शेयर बाजार के लिए एक सकारात्मक कदम मानते हैं, क्योंकि यह बाजार में अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित कर सकता है। हालांकि, उनका मानना है कि ज़ेरोधा की दीर्घकालिक सफलता और ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्धता उनकी विशिष्ट पहचान बनी रहेगी।

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