Jitiya Vrat 2025: नहाय-खाय से पारण तक पूरी जानकारी

Jitiya Vrat 2025: नहाय-खाय से पारण तक पूरी जानकारी

जितिया व्रत 2025 का महत्व

आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाने वाला जितिया व्रत पितृ पक्ष में विशेष महत्व रखता है। इसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है। इस व्रत का उद्देश्य संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए भगवान कृष्ण और जीमूतवाहन जी की आराधना करना है।

Jitiya Vrat 2025: नहाय-खाय से पारण तक पूरी जानकारी
Jitiya Vrat 2025

कब है नहाय-खाय?

जितिया व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। इस बार नहाय-खाय 13 सितंबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं स्नान-ध्यान कर पूजा करती हैं और मडुआ की रोटी, नोनी की साग, दही-पोहा जैसे पारंपरिक भोजन ग्रहण करती हैं।

जितिया व्रत 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त

  • व्रत तिथि: 14 सितंबर 2025

  • व्रत का स्वरूप: निर्जला उपवास

  • विशेषता: यह व्रत कई बार 36 घंटे तक चलता है। महिलाएं सूर्योदय से पहले सात्विक भोजन और जल ग्रहण कर दिनभर निर्जल व्रत रखती हैं।

पारण की तिथि और विधि

वैदिक पंचांग के अनुसार, 15 सितंबर 2025 को अष्टमी तिथि समाप्त होगी और नवमी तिथि आरंभ होगी। अतः व्रत का पारण 15 सितंबर को सूर्योदय के बाद किया जाएगा। व्रत पूरा करने के बाद महिलाएं फलाहार और सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं।

पंचांग विवरण (जितिया व्रत 2025)

विवरणसमय
सूर्योदयसुबह 06:05 बजे
सूर्यास्तशाम 06:27 बजे
चन्द्रोदयरात 11:18 बजे
चंद्रास्तदोपहर 01:11 बजे
ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:19 AM
विजय मुहूर्त02:20 PM – 03:09 PM
गोधूलि मुहूर्त06:27 PM – 06:51 PM
निशिता मुहूर्त11:53 PM – 12:40 AM

जितिया व्रत का धार्मिक और सामाजिक महत्व

  • यह व्रत पितृ पक्ष में किया जाता है, जब पितरों का श्राद्ध और तर्पण होता है।

  • यह पर्व बिहार, झारखंड और नेपाल के कई हिस्सों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है।

  • विवाहित महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए यह व्रत करती हैं।

  • जितिया व्रत को संतान प्राप्ति के लिए भी अत्यंत फलदायी माना जाता है।

जितिया व्रत 2025 संतान की लंबी आयु, परिवार की समृद्धि और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। इसकी शुरुआत नहाय-खाय से होती है और पारण के साथ पूर्ण होती है।

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