संजीव कुमार और हेमा मालिनी की अधूरी प्रेम कहानी

संजीव कुमार और हेमा मालिनी की अधूरी प्रेम कहानी: एक ‘शर्त’ ने तोड़ दिया था रिश्ता, क्यों ताउम्र कुंवारे रहे ‘हरिभाई’? जानें अनसुनी दास्तान!

हिंदी सिनेमा के ‘एक्टर’्स एक्टर’ संजीव कुमार, जिन्हें प्यार से लोग हरिभाई भी कहते थे, अपनी अद्भुत अदाकारी के लिए जाने जाते थे। उन्होंने परदे पर हर तरह के किरदार निभाए और लाखों दिलों पर राज किया। लेकिन उनकी निजी जिंदगी में एक ऐसा गहरा दर्द छिपा था, जिसने उन्हें कभी शादी नहीं करने दी और 47 साल की छोटी उम्र में ही वे इस दुनिया से रुखसत हो गए। अक्सर उनका नाम ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी से जोड़ा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्यों उनकी शादी हेमा मालिनी से नहीं हो पाई? आइए जानते हैं इस अधूरी प्रेम कहानी का पूरा सच।

 संजीव कुमार और हेमा मालिनी की अधूरी प्रेम कहानी
संजीव कुमार और हेमा मालिनी की अधूरी प्रेम कहानी

करीब आए संजीव और हेमा: ‘सीता और गीता’ से ‘हवा के साथ-साथ’ तक

साल 1972 में, संजीव कुमार और हेमा मालिनी ने सुपरहिट फिल्म ‘सीता और गीता’ में एक साथ काम किया, जिसने दर्शकों का खूब प्यार बटोरा। इसी फिल्म के दौरान दोनों के बीच दोस्ती की शुरुआत हुई। हालांकि, ‘एन एक्टर्स एक्टर’ नाम की किताब में हनीफ जावेरी और सुमंत बत्रा ने खुलासा किया है कि दोनों असल में तब एक-दूसरे के करीब आए जब वे फिल्म ‘हवा के साथ-साथ’ के गाने की शूटिंग कर रहे थे।

एक हादसा जिसने रिश्तों को और करीब लाया

किताब के अनुसार, फिल्म की शूटिंग के दौरान एक दुर्घटना ने संजीव और हेमा को और भी करीब ला दिया। वे दोनों एक साथ ट्रॉली पर बैठे थे, जब अचानक ट्रॉली की रस्सी ढीली हो गई और वह चट्टान की तरफ मुड़ गई। सड़क भी अंदर की तरफ मुड़ी हुई थी, जिसके कारण दोनों गहरी खाई में गिर गए। शुक्र है कि दोनों को मामूली चोटें आईं और वे बच गए। इस घटना ने दोनों के दिलों में एक-दूसरे के लिए भावनाओं को जगाया। लोगों का मानना था कि इस हादसे से उबरने के बाद ही उनके रिश्ते में और गहराई आई।

एक ‘शर्त’ जिसने तोड़ा रिश्ता

कुछ समय बाद, संजीव कुमार ने हेमा मालिनी का हाथ मांगने का फैसला किया और उनके घर गए। शुरुआत में सब कुछ ठीक लग रहा था। दोनों के परिवार वाले भी इस रिश्ते से बेहद खुश थे। लेकिन असली दिक्कत तब शुरू हुई जब हेमा मालिनी अपने करियर में लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ रही थीं। हेमा मालिनी की मां इस शादी के लिए तैयार थीं, लेकिन उनकी एक शर्त थी। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी की शादी तभी करेंगी जब उन्हें यह आश्वासन दिया जाए कि हेमा शादी के बाद भी फिल्मों में काम करना जारी रखेंगी। संजीव कुमार के परिवार वाले इस शर्त को मानने के लिए तैयार नहीं थे।

संजीव कुमार का परिवार चाहता था कि हेमा मालिनी शादी के बाद अभिनय छोड़ दें और एक गृहिणी की भूमिका निभाएं, जैसा कि उस समय के अधिकांश भारतीय परिवारों में प्रचलन था। हेमा की मां को यह शर्त स्वीकार नहीं थी, क्योंकि वह अपनी बेटी के चमकते करियर को रोकना नहीं चाहती थीं।

ताउम्र कुंवारे रहे संजीव कुमार

बस इसी एक शर्त की वजह से यह रिश्ता नहीं हो सका। दोनों के रास्ते अलग हो गए। हेमा मालिनी ने बाद में 1980 में सुपरस्टार धर्मेंद्र से शादी कर ली और उनकी दो बेटियां, ईशा और अहाना देओल हैं। वहीं, संजीव कुमार ने कभी शादी नहीं की। हेमा मालिनी से टूट चुके रिश्ते ने शायद उन्हें इतना तोड़ दिया था कि उन्होंने फिर कभी किसी से शादी करने का फैसला नहीं किया। 47 साल की उम्र में, 1985 में, संजीव कुमार का निधन हो गया, और हिंदी सिनेमा ने एक महान कलाकार को खो दिया, जो अपनी निजी जिंदगी में एक अधूरे प्यार का बोझ लिए चला गया।

संजीव कुमार की यह कहानी हमें बताती है कि कैसे कभी-कभी किस्मत और परिस्थितियां दो प्यार करने वाले लोगों को भी एक नहीं होने देतीं। उनकी फिल्मों में उनके जीवंत और यादगार किरदार हमेशा हमें उनकी कमी महसूस कराते रहेंगे।

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