शाहरुख खान का ‘स्वदेस’ पर दर्द – जब उन्होंने खुद कहा, “यह नेशनल अवॉर्ड मेरा हक था, सैफ को नहीं!” जानिए कैसे एक अद्भुत परफॉर्मेंस को नजरअंदाज किया गया और इस फैसले पर फैंस ने जताई अपनी नाराज़गी। अगर ‘स्वदेस’ को उसका सही सम्मान मिलता, तो शाहरुख का करियर किस दिशा में जा सकता था?

शाहरुख खान का ‘स्वदेस’ पर खुलासा: “नेशनल अवॉर्ड मेरा हक था, सैफ को नहीं”
बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान अपनी रोमांटिक फिल्मों के लिए जितने मशहूर हैं, उतना ही उनके गंभीर किरदारों ने भी दर्शकों के दिलों पर राज किया है। 2004 में आई फिल्म ‘स्वदेस’ में उन्होंने एक NRI वैज्ञानिक की भूमिका निभाई थी, जिसे उसके देश की मिट्टी बुला लेती है। यह फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट नहीं रही, लेकिन इसे समीक्षकों और फैंस ने क्लासिक का दर्जा दिया। पर जब उसी साल के नेशनल अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार सैफ अली खान को ‘हम तुम’ के लिए मिला, तो सवाल उठने लगे कि क्या शाहरुख को इस सम्मान से वंचित कर दिया गया?
शाहरुख का दिल छू लेने वाला बयान वायरल
हाल ही में एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें शाहरुख एक इवेंट में यह स्वीकारते नजर आए कि ‘स्वदेस’ के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिलना चाहिए था। यह वीडियो टैग ह्युएर के एक इवेंट का है, जिसमें निर्देशक कुणाल कोहली और एंकर मनीषा बेदी भी मौजूद थे। जब बातचीत में ‘हम तुम’ का जिक्र आया, तो शाहरुख ने मुस्कुराते हुए कहा, “फना बहुत अच्छी थी। ‘हम तुम’ भी बहुत अच्छी थी। उसके एक्टर ने अवॉर्ड जीता, पर मुझे लगता है कि वो अवॉर्ड मुझे मिलना चाहिए था।”
फैंस का गुस्सा और समर्थन
वीडियो के सामने आते ही फैंस ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जतानी शुरू कर दी। फैंस का कहना है कि ‘स्वदेस’ में शाहरुख का अभिनय करियर का सर्वश्रेष्ठ था और उसकी तुलना ‘हम तुम’ जैसे लाइट-कॉमेडी रोल से करना सही नहीं था। एक यूजर ने लिखा, “शाहरुख ने ‘स्वदेस’ में जो भावनाएं दिखाई थीं, वैसा परफॉर्मेंस बॉलीवुड में दुर्लभ है।”
नेशनल अवॉर्ड न मिलने के कारण
सूत्रों के मुताबिक, उस साल नेशनल अवॉर्ड्स ज्यूरी में शामिल टी एस नागभराना ने ‘स्वदेस’ पर यह कहते हुए सवाल उठाए थे कि फिल्म की संवेदनशीलता नकली लगती है और यह किसी अन्य फिल्म से प्रेरित है। इसी कारण शाहरुख को अवॉर्ड न देने का निर्णय लिया गया।
अगर ‘स्वदेस’ को अवॉर्ड मिलता तो?
शाहरुख कई बार कह चुके हैं कि ‘स्वदेस’ की असफलता और सराहना न मिलने के कारण वे वापस कमर्शियल सिनेमा की ओर लौट आए। यदि उस समय उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिलता, तो संभव है कि उनका करियर सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों की ओर रुख करता और वे उस दिशा में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ते।
अब मिली है असली पहचान
हाल ही में 71वें नेशनल अवॉर्ड्स में शाहरुख को ‘जवान’ के लिए बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिला है। इस जीत के बाद शाहरुख ने कहा, “नेशनल अवॉर्ड कोई अंत नहीं, यह एक नई शुरुआत है। सच्चाई से जुड़कर काम करते रहना ही मेरी असली सफलता है।”
निष्कर्ष
‘स्वदेस’ के लिए नेशनल अवॉर्ड न मिलना आज भी शाहरुख के चाहने वालों के लिए एक अधूरी कहानी है। मगर उनकी निरंतर मेहनत और समर्पण ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा को देर भले हो जाए, लेकिन नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। शाहरुख की यह यात्रा उन सभी कलाकारों के लिए प्रेरणा है, जो अपने काम से सच्चा बदलाव लाना चाहते हैं।



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